UPSC IAS/IPS सिविल सेवा, राज्य PCS (UPPSC/BPSC), SSC CGL एवं भारतीय न्याय संहिता (BNS) संपूर्ण अध्ययन मार्गदर्शिका
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC CSE), UPPSC/BPSC राज्य सिविल सेवा, SSC CGL और न्यायिक सेवा परीक्षाओं के लिए भारतीय संविधान, आधुनिक इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था और BNS/BNSS/BSA के 192 हाई-यील्ड फ्लैशकार्ड्स।
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UPSC IAS/IPS (सिविल सेवा), SSC CGL, राज्य PCS (UPPSC/BPSC) एवं न्यायिक सेवा (भारत) Flashcard Decks (6)
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान (Indian Polity): मूल अधिकार, नीति निदेशक तत्व, संसद एवं प्रमुख संशोधन
आधुनिक भारतीय इतिहास एवं राष्ट्रीय आंदोलन (Modern History): 1857 की क्रांति से स्वतंत्रता (1947) तक
भारतीय एवं विश्व भूगोल तथा पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी (Geography & Environment UPSC/PCS)
भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy): पंचवर्षीय योजनाएं, नीति आयोग, आरबीआई (RBI), बजट एवं बैंकिंग
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC CSE), UPPSC/BPSC राज्य सिविल सेवा, SSC CGL और न्यायिक सेवा परीक्षाओं के लिए भारतीय संविधान, आधुनिक इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था और BNS/BNSS/BSA के 192 हाई-यील्ड फ्लैशकार्ड्स।
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1. Complete 6-Deck Progressive Curriculum Matrix (192 Flashcards)
| Module | Mastery Level | Curated Flashcard Deck | Cards | Direct Study Link |
|---|---|---|---|---|
| Module 1 | Basic |
भारतीय राजव्यवस्था और संविधान (Indian Polity): मूल अधिकार, नीति निदेशक तत्व, संसद एवं प्रमुख संशोधन | 32 Cards | Practice Deck → |
| Module 2 | Basic |
आधुनिक भारतीय इतिहास एवं राष्ट्रीय आंदोलन (Modern History): 1857 की क्रांति से स्वतंत्रता (1947) तक | 32 Cards | Practice Deck → |
| Module 3 | Intermediate |
भारतीय एवं विश्व भूगोल तथा पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी (Geography & Environment UPSC/PCS) | 32 Cards | Practice Deck → |
| Module 4 | Intermediate |
भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy): पंचवर्षीय योजनाएं, नीति आयोग, आरबीआई (RBI), बजट एवं बैंकिंग | 32 Cards | Practice Deck → |
| Module 5 | Advanced |
सामान्य विज्ञान, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा प्रमुख सरकारी योजनाएं (SSC CGL एवं राज्य PCS) | 32 Cards | Practice Deck → |
| Module 6 | Advanced |
भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), साक्ष्य अधिनियम एवं नीतिशास्त्र (GS Paper 4) | 32 Cards | Practice Deck → |
2. Module-by-Module Syllabus & Sample Active-Recall Flashcards
Each of the 6 modules below is engineered using atomic retrieval prompts: every card isolates a single high-yield rule, diagnostic criterion, statutory article, deadline, or clinical mechanism.
Module 1 (BASIC): भारतीय राजव्यवस्था और संविधान (Indian Polity): मूल अधिकार, नीति निदेशक तत्व, संसद एवं प्रमुख संशोधन
Deck Overview: संविधान सभा, प्रस्तावना, अनुच्छेद 12–51A, रिट क्षेत्राधिकार, संसद की कार्यप्रणाली, राष्ट्रपति व राज्यपाल की शक्तियाँ, पंचायती राज और प्रमुख संविधान संशोधन।
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| # | Front (Active Recall Prompt) | Back (Verified Exam Answer & Explanation) |
|---|---|---|
| 1 | संविधान सभा (Constituent Assembly) में 'उद्देश्य प्रस्ताव' (Objectives Resolution) कब और किसने प्रस्तुत किया तथा यह कब स्वीकृत हुआ? | पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 13 दिसंबर 1946 को संविधान सभा में ऐतिहासिक 'उद्देश्य प्रस्ताव' प्रस्तुत किया, जिसे 22 जनवरी 1947 को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया; यही प्रस्ताव आगे चलकर भारतीय संविधान की उद्देशिका (Preamble) का आधार बना। |
| 2 | भारतीय संविधान की प्रस्तावना (Preamble) में 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा कौन से तीन नए शब्द जोड़े गए? | 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 (जिसे 'लघु संविधान' या Mini-Constitution भी कहा जाता है) द्वारा प्रस्तावना में 'समाजवादी' (Socialist), 'पंथनिरपेक्ष' (Secular) और 'अखंडता' (Integrity) शब्द जोड़े गए; प्रस्तावना में अब तक केवल एक बार संशोधन हुआ है। |
| 3 | भारतीय संविधान के भाग III में प्रदत्त कौन से मूल अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को प्राप्त हैं, विदेशियों को नहीं? | अनुच्छेद 15 (धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर विभेद का प्रतिषेध), अनुच्छेद 16 (लोक नियोजन में अवसर की समता), अनुच्छेद 19 (छह लोकतांत्रिक स्वतंत्रताएँ), अनुच्छेद 29 और अनुच्छेद 30 (संस्कृति और शिक्षा संबंधी अधिकार) केवल नागरिकों को प्राप्त हैं। |
| 4 | संविधान के अनुच्छेद 13 के अंतर्गत 'पृथक्करणीयता का सिद्धांत' (Doctrine of Severability) और 'आच्छादन का सिद्धांत' (Doctrine of Eclipse) क्या हैं? | पृथक्करणीयता के सिद्धांत के अनुसार यदि किसी कानून का कोई भाग मूल अधिकारों से असंगत है, तो केवल वही असंगत भाग शून्य होगा (संपूर्ण अधिनियम नहीं)। आच्छादन के सिद्धांत के अनुसार संविधान-पूर्व की असंगत विधियाँ पूर्णतः मृत नहीं होतीं, बल्कि मूल अधिकारों से आच्छादित (सुप्त) रहती हैं। |
| 5 | इंद्रा साहनी बनाम भारत संघ (1992 - मंडल आयोग वाद) में सर्वोच्च न्यायालय ने अनुच्छेद 16(4) के तहत आरक्षण पर क्या ऐतिहासिक निर्णय दिया? | 9-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 27% आरक्षण को वैध ठहराया, कुल ऊर्ध्वाधर आरक्षण की अधिकतम सीमा 50% निर्धारित की, संपन्न वर्ग (Creamy Layer) को आरक्षण से बाहर रखने का निर्देश दिया और पदोन्नति में आरक्षण को अमान्य किया। |
| 6 | 103वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2019 द्वारा संविधान में कौन से अनुच्छेद जोड़े गए और जनहित अभियान वाद (2022) में इस पर क्या निर्णय हुआ? | 103वें संशोधन द्वारा अनुच्छेद 15(6) और 16(6) जोड़कर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) के लिए शिक्षण संस्थाओं और सरकारी नौकरियों में 10% आरक्षण का प्रावधान किया गया; सर्वोच्च न्यायालय ने जनहित अभियान वाद (2022) में 3:2 बहुमत से इसे संवैधानिक घोषित किया। |
Module 2 (BASIC): आधुनिक भारतीय इतिहास एवं राष्ट्रीय आंदोलन (Modern History): 1857 की क्रांति से स्वतंत्रता (1947) तक
Deck Overview: यूरोपीय कंपनियों का आगमन, ब्रिटिश भू-राजस्व नीतियाँ, 1857 का विद्रोह, सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलन, कांग्रेस के अधिवेशन, गांधीवादी आंदोलन, क्रांतिकारी गतिविधियाँ और विभाजन।
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| # | Front (Active Recall Prompt) | Back (Verified Exam Answer & Explanation) |
|---|---|---|
| 1 | प्लासी के युद्ध (1757) और बक्सर के युद्ध (1764) के पश्चात संपन्न इलाहाबाद की संधि (1765) का ब्रिटिश साम्राज्य की स्थापना में क्या महत्व था? | 23 जून 1757 के प्लासी युद्ध में रॉबर्ट क्लाइव ने सिराजुद्दौला को पराजित किया, किंतु 22 अक्टूबर 1764 के बक्सर युद्ध में हेक्टर मुनरो ने मीर कासिम, शुजाउद्दौला और मुगल सम्राट शाह आलम द्वितीय की संयुक्त सेना को हराया। इलाहाबाद की संधि (1765) से कंपनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा की 'दीवानी' (राजस्व अधिकार) प्राप्त हुई और बंगाल में द्वैध शासन लागू हुआ। |
| 2 | लॉर्ड वेलेजली की 'सहायक संधि' (Subsidiary Alliance, 1798) और लॉर्ड डलहौजी के 'व्यपगत के सिद्धांत' (Doctrine of Lapse, 1848) के तहत विलय किए गए प्रमुख राज्य कौन से थे? | सहायक संधि स्वीकार करने वाले राज्यों का क्रम हैदराबाद (1798, प्रथम), मैसूर (1799), तंजौर (1799), अवध (1801) और पेशवा (1802) था। डलहौजी के व्यपगत सिद्धांत (गोद निषेध नीति) के तहत सतारा (1848, प्रथम), जैतपुर व संभलपुर (1849), बघाट (1850), उदयपुर (1852), झाँसी (1853) और नागपुर (1854) का विलय हुआ, जबकि अवध (1856) का विलय 'कुशासन' के आरोप में किया गया। |
| 3 | 1773 के रेगुलेटिंग एक्ट, 1813 के चार्टर एक्ट और 1833 के चार्टर एक्ट के प्रमुख संवैधानिक प्रावधान क्या थे? | 1773 के एक्ट से बंगाल के गवर्नर (वॉरेन हेस्टिंग्स) को 'बंगाल का गवर्नर-जनरल' बनाया गया और कलकत्ता में सर्वोच्च न्यायालय (1774, एलिजा इम्पे) स्थापित हुआ। 1813 के चार्टर से चाय और चीन के साथ व्यापार को छोड़कर कंपनी का व्यापारिक एकाधिकार समाप्त हुआ व शिक्षा हेतु 1 लाख रुपये रखे गए। 1833 के चार्टर से लॉर्ड विलियम बैंटिक 'भारत के प्रथम गवर्नर-जनरल' बने। |
| 4 | 1857 के महान विद्रोह के प्रमुख केंद्रों, उनके भारतीय नायकों और विद्रोह का दमन करने वाले ब्रिटिश सैन्य अधिकारियों का मिलान कीजिए। | दिल्ली: बहादुर शाह जफर व बख्त खाँ (निकोलसन व हडसन); कानपुर: नाना साहब व तात्या टोपे (कॉलिन कैंपबेल); लखनऊ: बेगम हजरत महल (कैंपबेल); झाँसी व ग्वालियर: रानी लक्ष्मीबाई (जनरल ह्यू रोज); जगदीशपुर (बिहार): कुँवर सिंह (विलियम टेलर व विंसेंट आयर); फैजाबाद: मौलवी अहमदुल्ला; और बरेली: खान बहादुर खान। |
| 5 | 19वीं शताब्दी के प्रमुख जनजातीय और किसान विद्रोहों—संथाल हूल (1855–56), मुंडा उलगुलान (1899–1900) और नील विद्रोह (1859–60)—के नेता और कारण क्या थे? | संथाल विद्रोह (राजमहल पहाड़ियाँ/दामिन-ए-कोह) का नेतृत्व सिद्धू और कान्हू ने जमींदारों व महाजनों के शोषण के विरुद्ध किया। मुंडा 'उलगुलान' (छोटानागपुर) का नेतृत्व बिरसा मुंडा ने 'खूंटकट्टी' भू-व्यवस्था की रक्षा हेतु किया। बंगाल के नील विद्रोह (1859–60) का नेतृत्व दिगंबर व विष्णु विश्वास ने किया जिसका वर्णन 'नील दर्पण' नाटक में है। |
| 6 | राजा राममोहन राय, ईश्वरचंद्र विद्यासागर, ज्योतिबा फुले और स्वामी विवेकानंद के प्रमुख समाज सुधार कार्यों और संस्थाओं का उल्लेख कीजिए। | राजा राममोहन राय ने आत्मीय सभा (1815) व ब्रह्म समाज (1828) की स्थापना की और बैंटिक के सहयोग से सती प्रथा निषेध अधिनियम (1829) पारित कराया। ईश्वरचंद्र विद्यासागर के प्रयासों से विधवा पुनर्विवाह अधिनियम (1856) पारित हुआ। ज्योतिबा फुले ने सत्यशोधक समाज (1873) व 'गुलामगिरी' लिखी, और विवेकानंद ने रामकृष्ण मिशन (1897) स्थापित किया। |
Module 3 (INTERMEDIATE): भारतीय एवं विश्व भूगोल तथा पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी (Geography & Environment UPSC/PCS)
Deck Overview: हिमालय का भू-आकृतिक विभाजन, प्रमुख दर्रे, अपवाह तंत्र, जलवायु, मृदा, खनिज संसाधन, विश्व भूगोल की जलधाराएँ व पवनें तथा पर्यावरण एवं जैव विविधता संरक्षण।
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| # | Front (Active Recall Prompt) | Back (Verified Exam Answer & Explanation) |
|---|---|---|
| 1 | हिमालय पर्वत श्रृंखला के उत्तर से दक्षिण की ओर चार समानांतर भू-आकृतिक श्रेणियों और उन्हें अलग करने वाले मुख्य भ्रंश (Faults) कौन से हैं? | उत्तर से दक्षिण क्रम: 1. ट्रांस-हिमालय (काराकोरम, लद्दाख, जास्कर) जो 'इंडस-सांगपो सचर जोन' (ITSZ) द्वारा मुख्य हिमालय से अलग होता है; 2. वृहद हिमालय (हिमाद्रि) और 3. लघु हिमालय के बीच 'मेन सेंट्रल थ्रस्ट' (MCT) है; 4. शिवालिक और लघु हिमालय के बीच 'मेन बाउंड्री फॉल्ट' (MBF) है तथा शिवालिक और उत्तरी मैदान के बीच 'हिमालयन फ्रंटल फॉल्ट' (HFF) है। |
| 2 | सिडनी बुरार्ड (Sydney Burrard) द्वारा नदियों की घाटियों के आधार पर हिमालय का पश्चिम से पूर्व की ओर प्रादेशिक विभाजन किस प्रकार किया गया है? | 1. पंजाब/कश्मीर हिमालय: सिंधु नदी से सतलज नदी के मध्य (560 किमी); 2. कुमाऊँ हिमालय: सतलज नदी से काली (शारदा) नदी के मध्य (320 किमी - सर्वोच्च चोटी नंदा देवी); 3. नेपाल हिमालय: काली नदी से तीस्ता नदी के मध्य (800 किमी - सबसे लंबा व सर्वोच्च भाग: एवरेस्ट, कंचनजंगा, मकालू); और 4. असम हिमालय: तीस्ता नदी से दिहांग (ब्रह्मपुत्र) नदी के मध्य (720 किमी)। |
| 3 | भारत के प्रमुख हिमालयी दर्रों (Passes)—काराकोरम, जोजिला, बनिहाल, शिपकी ला, लिपुलेख, नाथू ला और बोमडिला—की अवस्थिति और महत्व क्या है? | काराकोरम व खारदुंग ला: लद्दाख; जोजिला दर्रा: श्रीनगर को लेह से जोड़ता है; बनिहाल दर्रा (पीर पंजाल): जम्मू को श्रीनगर से जोड़ता है (जवाहर सुरंग); शिपकी ला (सतलज प्रवेश), रोहतांग व बारालाचा ला: हिमाचल प्रदेश; माना, नीति व लिपुलेख: उत्तराखंड; नाथू ला व जेलेप ला (चुंबी घाटी): सिक्किम; तथा बोमडिला, यांगयाप व दीफू: अरुणाचल प्रदेश। |
| 4 | उत्तर भारत के विशाल जलोढ़ मैदान के चार भू-आकृतिक प्रदेशों—भाबर, तराई, बांगर और खादर—की विशेषताएँ क्या हैं? | 1. भाबर: शिवालिक की तलहटी में 8–16 किमी चौड़ी कंकड़-पत्थरों की पट्टी जहाँ उच्च सरंध्रता के कारण छोटी नदियाँ भूमिगत हो जाती हैं; 2. तराई: भाबर के दक्षिण में दलदली व वन्यजीव क्षेत्र जहाँ नदियाँ पुनः धरातल पर प्रकट होती हैं; 3. बांगर: पुराने जलोढ़ से निर्मित उच्च मैदान ('कंकड़' युक्त); 4. खादर: नवीन जलोढ़ से निर्मित अत्यंत उपजाऊ बाढ़ का मैदान। |
| 5 | सिंधु नदी तंत्र (Indus River System) की पंचनद नदियों का उत्तर से दक्षिण क्रम और 'सिंधु जल संधि' (1960) के जल-बँटवारे का प्रावधान क्या है? | उत्तर से दक्षिण क्रम: सिंधु, झेलम (वेरीनाग), चिनाब (सिंधु की सबसे बड़ी सहायक), रावी, ब्यास (हरिके में सतलज से मिलती है) और सतलज (राक्षसताल, तिब्बत)। 1960 की सिंधु जल संधि के अनुसार तीन पश्चिमी नदियों (सिंधु, झेलम, चिनाब) का 80% जल पाकिस्तान को और तीन पूर्वी नदियों (रावी, ब्यास, सतलज) का जल भारत को आवंटित है। |
| 6 | प्रायद्वीपीय भारत की प्रमुख पूर्व-वाहिनी नदियों—महानदी, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी—के उद्गम स्थल और प्रमुख सहायक नदियाँ कौन सी हैं? | महानदी (सिहावा, छत्तीसगढ़): शिवनाथ, हसदेव, जोंक, तेल। गोदावरी ('दक्षिण गंगा' - प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी, 1465 किमी; त्र्यंबकेश्वर, नासिक): प्रवरा, पूर्णा, मंजरा, प्राणहिता, इंद्रावती, सबरी। कृष्णा (महाबलेश्वर): कोयना, तुंगभद्रा, भीमा, मूसी। कावेरी (ब्रह्मगिरि पहाड़ियाँ, कोडागु): हेमावती, काबिनी, भवानी, अमरावती। |
Module 4 (INTERMEDIATE): भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy): पंचवर्षीय योजनाएं, नीति आयोग, आरबीआई (RBI), बजट एवं बैंकिंग
Deck Overview: पंचवर्षीय योजनाएँ (1951–2017), नीति आयोग, राष्ट्रीय आय, भारतीय रिजर्व बैंक और मौद्रिक नीति, बैंकिंग सुधार, राजकोषीय नीति, कराधान (GST), कृषि और भुगतान संतुलन।
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| # | Front (Active Recall Prompt) | Back (Verified Exam Answer & Explanation) |
|---|---|---|
| 1 | प्रथम पंचवर्षीय योजना (1951–56) और द्वितीय पंचवर्षीय योजना (1956–61) के आर्थिक मॉडल और मुख्य प्राथमिकताएँ क्या थीं? | प्रथम योजना (1951–56) 'हैरोड-डोमर मॉडल' पर आधारित थी जिसमें कृषि, सिंचाई और भाखड़ा-नांगल, दामोदर घाटी व हीराकुंड बहुउद्देशीय परियोजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। द्वितीय योजना (1956–61) 'पी.सी. महालनोबिस के चार-क्षेत्रीय मॉडल' पर आधारित थी जिसमें भारी उद्योगों (भिलाई, राउरकेला, दुर्गापुर इस्पात संयंत्र) और तीव्र औद्योगीकरण पर बल दिया गया। |
| 2 | तृतीय पंचवर्षीय योजना (1961–66) की विफलता के कारण क्या थे तथा 'योजना अवकाश' (Plan Holiday) और 'अनवरत योजना' (Rolling Plan) की अवधि क्या थी? | भारत-चीन युद्ध (1962), भारत-पाक युद्ध (1965) और सूखे के कारण तृतीय योजना विफल रही, जिसके बाद 1966 से 1969 तक तीन वार्षिक योजनाएँ ('योजना अवकाश') चलाई गईं और हरित क्रांति प्रारंभ हुई। जनता पार्टी सरकार ने पाँचवीं योजना को एक वर्ष पूर्व समाप्त कर 1978–80 के दौरान गुन्नार मिर्डल की संकल्पना पर आधारित 'अनवरत योजना' (Rolling Plan) लागू की। |
| 3 | पाँचवीं, आठवीं, ग्यारहवीं और बारहवीं पंचवर्षीय योजनाओं के मुख्य नारे एवं विकास लक्ष्य क्या थे? | पाँचवीं योजना (1974–78, डी.पी. धर मॉडल): 'गरीबी उन्मूलन' और आत्मनिर्भरता; आठवीं योजना (1992–97, जॉन डब्ल्यू. मिलर मॉडल): मानव संसाधन विकास और एलपीजी (उदारीकरण, निजीकरण, वैश्वीकरण) सुधार; ग्यारहवीं योजना (2007–12): 'तीव्रतर और अधिक समावेशी विकास'; तथा बारहवीं और अंतिम योजना (2012–17): 'तीव्र, अधिक समावेशी और धारणीय (Sustainable) विकास'। |
| 4 | नीति आयोग (NITI Aayog) की स्थापना कब हुई, इसकी संरचना क्या है और यह पूर्ववर्ती योजना आयोग से किस प्रकार भिन्न है? | 1 जनवरी 2015 को मंत्रिमंडल के प्रस्ताव द्वारा योजना आयोग के स्थान पर 'नीति आयोग' का गठन एक थिंक टैंक के रूप में हुआ। इसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं और शासी परिषद में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री व उपराज्यपाल शामिल होते हैं; यह 'सहकारी एवं प्रतिस्पर्धी संघवाद' तथा 'बॉटन-अप' उपागम पर कार्य करता है और इसे धन आवंटन की शक्ति नहीं है। |
| 5 | भारत में निर्धनता आकलन (Poverty Estimation) से संबंधित प्रमुख समितियों—अंलग, लकड़वाला, तेंदुलकर और रंगराजन समिति—के मापदंड क्या थे? | वाई.के. अलघ समिति (1979) ने ग्रामीण क्षेत्र में 2400 कैलोरी और शहरी क्षेत्र में 2100 कैलोरी प्रतिदिन उपभोग को आधार बनाया। सुरेश तेंदुलकर समिति (2009) ने प्रति व्यक्ति मासिक उपभोग व्यय (स्वास्थ्य व शिक्षा सहित - 2011–12 में 21.9% गरीबी) अपनाया। सी. रंगराजन समिति (2014) ने MMRP अपनाई और नीति आयोग वर्तमान में बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) जारी करता है। |
| 6 | बेरोजगारी के प्रमुख प्रकारों—प्रच्छन्न (Disguised), मौसमी (Seasonal), संरचनात्मक (Structural), घर्षणात्मक (Frictional) और चक्रीय (Cyclical) बेरोजगारी—में क्या अंतर है? | भारतीय कृषि में मुख्यतः 'प्रच्छन्न बेरोजगारी' पाई जाती है जहाँ आवश्यकता से अधिक श्रमिक कार्यरत होते हैं और अतिरिक्त श्रमिक की सीमांत उत्पादकता शून्य होती है। 'संरचनात्मक बेरोजगारी' तकनीकी बदलाव व कौशल की कमी से, 'घर्षणात्मक बेरोजगारी' एक नौकरी छोड़कर दूसरी खोजने की अवधि में, और 'चक्रीय बेरोजगारी' समग्र मांग में गिरावट व मंदी से उत्पन्न होती है। |
Module 5 (ADVANCED): सामान्य विज्ञान, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा प्रमुख सरकारी योजनाएं (SSC CGL एवं राज्य PCS)
Deck Overview: भौतिकी, रसायन और जीव विज्ञान के उच्च-उपज सिद्धांत, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी (ISRO), रक्षा प्रौद्योगिकी (DRDO मिसाइलें), जैव एवं नैनो प्रौद्योगिकी और प्रमुख सरकारी योजनाएँ।
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|---|---|---|
| 1 | प्रकाश के पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection), प्रकीर्णन (Scattering) और अपवर्तन (Refraction) के प्रमुख दैनिक उदाहरण क्या हैं? | पूर्ण आंतरिक परावर्तन (सघन से विरल माध्यम में क्रांतिक कोण से अधिक कोण पर): हीरे का चमकना, मरीचिका (Mirage), प्रकाशिक तंतु (Optical Fibre - ब्रॉडबैंड व एंडोस्कोपी)। प्रकाश का प्रकीर्णन: आकाश का नीला रंग और सूर्योदय/सूर्यास्त के समय सूर्य का लाल दिखना। अपवर्तन: तारों का टिमटिमाना और पानी में डूबी छड़ का मुड़ा दिखना। |
| 2 | निकट दृष्टि दोष (Myopia), दूर दृष्टि दोष (Hypermetropia), जरा-दूरदृष्टिता (Presbyopia) और अबिंदुकता (Astigmatism) के निवारण हेतु कौन से लेंस प्रयुक्त होते हैं? | 1. निकट दृष्टि दोष (Myopia): प्रतिबिंब रेटिना से पहले बनता है, निवारण हेतु 'अवतल लेंस' (Concave); 2. दूर दृष्टि दोष (Hypermetropia): प्रतिबिंब रेटिना के पीछे बनता है, निवारण हेतु 'उत्तल लेंस' (Convex); 3. जरा-दूरदृष्टिता (Presbyopia): 'द्विफोकसी लेंस' (Bifocal); 4. अबिंदुकता (Astigmatism): कॉर्निया वक्रता हेतु 'बेलनाकार लेंस' (Cylindrical)। |
| 3 | ध्वनि तरंगों की प्रकृति क्या है तथा तापमान, आर्द्रता और दाब में परिवर्तन का वायु में ध्वनि की चाल पर क्या प्रभाव पड़ता है? | ध्वनि तरंगें 'अनुदैर्ध्य यांत्रिक तरंगें' हैं जिन्हें माध्यम की आवश्यकता होती है (निर्वात में चाल शून्य, ठोस इस्पात/एल्युमिनियम में सर्वाधिक और गैसों में न्यूनतम)। वायु का तापमान 1°C बढ़ने पर ध्वनि की चाल 0.61 मी/से बढ़ जाती है; आर्द्रता बढ़ने से चाल बढ़ती है; परंतु समान तापमान पर दाब (Pressure) बदलने का ध्वनि की चाल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। |
| 4 | नाभिकीय विखंडन (Nuclear Fission) और नाभिकीय संलयन (Nuclear Fusion) में क्या अंतर है तथा परमाणु रिएक्टर में मंदक (Moderator) और नियंत्रक छड़ों का कार्य क्या है? | नाभिकीय विखंडन में भारी नाभिक (U-235 या Pu-239) मंद न्यूट्रॉन की बमबारी से हल्के नाभिकों में टूटता है (रिएक्टर नियंत्रित श्रृंखला पर आधारित है)। रिएक्टर में न्यूट्रॉनों की गति धीमी करने हेतु 'भारी जल' (D₂O) या ग्रेफाइट का उपयोग 'मंदक' के रूप में और 'कैडमियम या बोरॉन' की नियंत्रक छड़ों का प्रयोग होता है। सूर्य का स्रोत 'नाभिकीय संलयन' है। |
| 5 | दैनिक जीवन में प्रयुक्त प्रमुख रासायनिक यौगिकों—बेकिंग सोडा, धावन सोडा, विरंजक चूर्ण (Bleaching Powder), प्लास्टर ऑफ पेरिस और जिप्सम—के रासायनिक सूत्र क्या हैं? | 1. बेकिंग सोडा (खाने का सोडा): सोडियम बाइकार्बोनेट (NaHCO₃); 2. धावन सोडा: सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट (Na₂CO₃·10H₂O); 3. कास्टिक सोडा: सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH); 4. विरंजक चूर्ण (Bleaching Powder): कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड (CaOCl₂); 5. जिप्सम (CaSO₄·2H₂O), जिसे 373 K पर गर्म करने पर 'प्लास्टर ऑफ पेरिस' (CaSO₄·½H₂O) प्राप्त होता है। |
| 6 | प्रमुख मिश्रधातुओं (Alloys)—पीतल (Brass), कांसा (Bronze), जर्मन सिल्वर, टांका (Solder) और स्टेनलेस स्टील—का संघटन क्या है? | 1. पीतल (Brass): ताँबा (Cu ~70%) + जस्ता (Zn ~30%); 2. कांसा (Bronze): ताँबा (Cu ~88%) + टिन (Sn ~12%); 3. जर्मन सिल्वर: ताँबा (Cu) + जस्ता (Zn) + निकेल (Ni) — इसमें चाँदी (Silver) 0% होती है; 4. टांका (Solder / फ्यूज तार): सीसा (Pb) + टिन (Sn); और 5. स्टेनलेस स्टील: लोहा (Fe) + क्रोमियम (Cr) + निकेल (Ni) + कार्बन (C)। |
Module 6 (ADVANCED): भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), साक्ष्य अधिनियम एवं नीतिशास्त्र (GS Paper 4)
Deck Overview: 1 जुलाई 2024 से लागू तीन नए आपराधिक कानून (BNS, BNSS, BSA), पुरानी IPC/CrPC/IEA धाराओं से तुलना, विधिक सिद्धांत और UPSC GS Paper-4 नीतिशास्त्र, सत्यनिष्ठा एवं अभिक्षमता।
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| # | Front (Active Recall Prompt) | Back (Verified Exam Answer & Explanation) |
|---|---|---|
| 1 | 1 जुलाई 2024 से लागू तीन नए आपराधिक कानून कौन से हैं और उनमें कुल कितनी धाराएँ व अध्याय हैं? | 1 जुलाई 2024 से लागू तीन नए कानून हैं: 1. भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS - 20 अध्याय व 358 धाराएँ), (IPC के स्थान पर); 2. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS - 531 धाराएँ), जिसने CrPC, 1973 का स्थान लिया; और 3. भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 (BSA - 170 धाराएँ), जिसने साक्ष्य अधिनियम, 1872 का स्थान लिया। |
| 2 | भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 4 के अंतर्गत 'सामुदायिक सेवा' (Community Service) के दंड का प्रावधान किन अपराधों के लिए जोड़ा गया है? | BNS की धारा 4 ने दंड के छठे प्रकार के रूप में पहली बार 'सामुदायिक सेवा' को मान्यता दी है। यह 6 छोटे अपराधों में दी जा सकती है: लोक सेवक का अवैध व्यापार, उद्घोषणा की अवहेलना, विधिपूर्ण शक्ति को बाध्य करने हेतु आत्महत्या का प्रयास (धारा 226), <5,000 रुपये की प्रथम चोरी में संपत्ति लौटाने पर (303), नशे में लोक दुराचार और मानहानि (धारा 356)। |
| 3 | पुरानी IPC की प्रमुख धाराओं—हत्या (302), सदोष मानव वध (299), दहेज मृत्यु (304B), ठगी/धोखाधड़ी (420) और मानहानि (499)—की भारतीय न्याय संहिता (BNS) में नई धाराएँ क्या हैं? | सदोष मानव वध (IPC 299): अब BNS धारा 100; हत्या की परिभाषा (IPC 300): BNS धारा 101; हत्या के लिए दंड (IPC 302): BNS धारा 103(1); मॉब लिंचिंग (5 या अधिक व्यक्तियों द्वारा हत्या): नई धारा BNS 103(2); दहेज मृत्यु (IPC 304B): BNS धारा 80; बलात्कार (IPC 375/376): BNS धारा 63/64; धोखाधड़ी (IPC 420): BNS धारा 318(4); और मानहानि (IPC 499/500): BNS धारा 356। |
| 4 | भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 ने पुरानी IPC की राजद्रोह धारा 124A को किस प्रकार प्रतिस्थापित किया है? | BNS में औपनिवेशिक शब्द 'राजद्रोह' (Sedition - IPC धारा 124A) को समाप्त कर धारा 152 में 'भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले कृत्य' को दंडनीय बनाया गया है। इसके तहत जो कोई जानबूझकर अलगाववाद (Secession), सशस्त्र विद्रोह, विध्वंसक गतिविधियों या अलगाववादी भावनाओं को भड़काता है, उसे आजीवन या 7 वर्ष तक का कारावास होगा। |
| 5 | BNS 2023 की धारा 69, धारा 111, धारा 112 और धारा 113 के अंतर्गत कौन से नए विशिष्ट अपराध परिभाषित किए गए हैं? | 1. धारा 69: विवाह का झूठा वादा करके या पहचान छिपाकर यौन संबंध बनाना (10 वर्ष तक कारावास); 2. धारा 111: 'संगठित अपराध' (सिंडिकेट द्वारा अपहरण, साइबर अपराध व वसूली); 3. धारा 112: 'छोटे संगठित अपराध' (चेन स्नैचिंग, परीक्षा पेपर लीक, टिकट कालाबाजारी); और 4. धारा 113: 'आतंकवादी कृत्य' को सामान्य दंड संहिता में शामिल किया गया है। |
| 6 | BNS की धारा 106(1) और 106(2) में उतावलेपन या उपेक्षापूर्ण कृत्य से मृत्यु कारित करने (पूर्व IPC 304A) और हिट-एंड-रन मामलों में क्या प्रावधान हैं? | BNS की धारा 106(1) के तहत उतावलेपन या लापरवाही से मृत्यु कारित करने पर सजा IPC धारा 304A के 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दी गई है, परंतु पंजीकृत डॉक्टर द्वारा चिकित्सा प्रक्रिया के दौरान होने वाली मृत्यु पर अधिकतम सजा 2 वर्ष ही है। धारा 106(2) में हिट-एंड-रन मामलों में सूचना दिए बिना भागने पर 10 वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है। |
3. 8-Week Spaced Repetition & Active Recall Study Schedule
To achieve >90% long-term retention before exam day, follow this structured 8-week interleaving schedule across all 6 decks (192 core cards + your personal error-log cards):
| Phase | Target Decks | Daily New Cards | Daily SRS Reviews | Exam Application Protocol |
|---|---|---|---|---|
| Weeks 1–2 (Foundation) | Module 1 & Module 2 (Basic) |
16 cards/day | 25–45 reviews | Master core definitions, foundational statutes/physiology, and primary classifications. |
| Weeks 3–4 (Intermediate Application) | Module 3 & Module 4 (Intermediate) |
16 cards/day | 50–85 reviews | Interleave Basic & Intermediate decks; drill multi-step clinical vignettes or statutory exceptions. |
| Weeks 5–6 (Advanced Mastery) | Module 5 & Module 6 (Advanced) |
16 cards/day | 85–120 reviews | Focus on high-difficulty differentials, numerical deadlines, contraindications, and edge-case traps. |
| Weeks 7–8 (Final Consolidation) | All 6 UPSC IAS/IPS Decks (Interleaved) | 0 new cards | 100–140 reviews | Full timed mock blocks + rapid spaced-repetition review of flagged/missed cards. |
4. Direct Links to All Curated Study Decks
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